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रिमांड मजिस्ट्रेट के सामने सुनवाई के दौरान SHO वजीरगंज को मोबाइल चलाना पड़ा भारी, कोर्ट ने लगाई कड़ी

Editor : Admin User | 16 August, 2026

लखनऊ में रिमांड मजिस्ट्रेट के सामने चल रही सुनवाई के दौरान वजीरगंज थाना प्रभारी (SHO) राजेश कुमार को कोर्ट में मोबाइल फोन का इस्तेमाल करना भारी पड़ गया। कोर्ट की कार्यवाही के बीच मोबाइल चलाने पर न्यायालय ने कड़ी नाराजगी जताते हुए SHO को जमकर फटकार लगाई। मामले को न्यायालय की गंभीरता से जुड़ा मानते हुए कोर्ट ने SHO का मोबाइल फोन भी जब्त कर लिया।

रिमांड मजिस्ट्रेट के सामने सुनवाई के दौरान SHO वजीरगंज को मोबाइल चलाना पड़ा भारी, कोर्ट ने लगाई कड़ी

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रिमांड मजिस्ट्रेट के सामने सुनवाई के दौरान SHO वजीरगंज को मोबाइल चलाना पड़ा भारी, कोर्ट ने लगाई कड़ी फटकार


लखनऊ में रिमांड मजिस्ट्रेट के सामने चल रही सुनवाई के दौरान वजीरगंज थाना प्रभारी (SHO) राजेश कुमार त्रिपाठी को कोर्ट में मोबाइल फोन का इस्तेमाल करना भारी पड़ गया। कोर्ट की कार्यवाही के बीच मोबाइल चलाने पर न्यायालय ने कड़ी नाराजगी जताते हुए SHO को जमकर फटकार लगाई। मामले को न्यायालय की गंभीरता से जुड़ा मानते हुए कोर्ट ने SHO का मोबाइल फोन भी जब्त कर लिया।


बताया जा रहा है कि रिमांड की सुनवाई के दौरान अदालत की कार्यवाही चल रही थी। इसी दौरान (SHO) राजेश कुमार त्रिपाठी द्वारा मोबाइल फोन का इस्तेमाल किए जाने पर न्यायालय का ध्यान इस ओर गया। कोर्ट ने तत्काल इस पर आपत्ति जताई और SHO को न्यायालय की कार्यवाही के दौरान मोबाइल इस्तेमाल करने को लेकर सख्त चेतावनी के साथ फटकार लगाई।


मामला यहीं नहीं रुका। कोर्ट की कार्यवाही के दौरान मोबाइल फोन के इस्तेमाल को गंभीरता से लेते हुए कंटेम्प्ट ऑफ कोर्ट की कार्रवाई भी की गई। न्यायालय की सख्ती के बाद पुलिस महकमे में भी हड़कंप और हलचल की स्थिति बन गई।


बचाव पक्ष ने दस्तावेजी साक्ष्यों के साथ रखा पक्ष


इसी मामले की रिमांड सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता दीपक सिंह और सैम शिराज ने प्रभावी तरीके से अपना पक्ष न्यायालय के सामने रखा। दोनों अधिवक्ताओं ने अपनी दलीलों के समर्थन में दस्तावेजी साक्ष्य भी न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए।

बचाव पक्ष की ओर से प्रस्तुत दस्तावेजों और दलीलों पर न्यायालय ने गंभीरता से विचार किया। सुनवाई के दौरान रखे गए तथ्यों और दस्तावेजी साक्ष्यों से न्यायालय संतुष्ट हुआ, जिसके बाद रिमांड की मांग को खारिज कर दिया गया।


SHO के खिलाफ कार्रवाई के संकेत


कोर्ट की सख्ती के बाद SHO वजीरगंज राजेश कुमार की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। जानकारी के मुताबिक, SHO के खिलाफ कार्रवाई के लिए मामला कमिश्नर को भेजे जाने की जानकारी सामने आई है। इसके साथ ही SHO राजेश कुमार के खिलाफ शो-कॉज नोटिस की कार्रवाई किए जाने की भी बात सामने आई है।

मामले में कोर्ट द्वारा की गई सख्ती को पुलिस महकमे के लिए भी गंभीर संदेश के तौर पर देखा जा रहा है। न्यायालय की कार्यवाही के दौरान अनुशासन और मर्यादा बनाए रखना अनिवार्य माना जाता है और इसी के चलते मोबाइल फोन के इस्तेमाल को लेकर कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया।


रात 11:30 बजे कोर्ट की सख्ती से मची हलचल


बताया जा रहा है कि यह पूरा घटनाक्रम रात करीब 11:30 बजे सामने आया। देर रात कोर्ट की सख्ती और SHO के खिलाफ हुई कार्रवाई की जानकारी के बाद पुलिस विभाग में भी हलचल तेज हो गई।

एक तरफ जहां कोर्ट ने मोबाइल इस्तेमाल करने पर SHO को फटकार लगाते हुए मोबाइल फोन जब्त किया और कंटेम्प्ट ऑफ कोर्ट की कार्रवाई की, वहीं दूसरी ओर रिमांड मामले में बचाव पक्ष की दलीलों और दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर रिमांड खारिज कर दी गई।

अब SHO राजेश कुमार के खिलाफ आगे क्या कार्रवाई होती है, इस पर सबकी नजरें टिकी हैं। कमिश्नर को मामला भेजे जाने और शो-कॉज नोटिस की कार्रवाई की जानकारी के बाद विभागीय स्तर पर भी मामले को गंभीरता से लिए जाने की संभावना है।